दुग्ध समितियों के चुनाव में मुकेश बोरा का दबदबा कायम,12वीं बार मुकेश बोरा,तीसरी बार गोविंद सिंह मेहता निर्विरोध

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  मुकेश बोरा ने फिर कायम रखा दबदबा, गोविंद मेहता की जीत, पूर्व चेयरमैन को बड़ा झटका लालकुआं, नैनीताल दुग्ध उत्पादक सहकारी संघ लिमिटेड के पर्वतीय क्षेत्र की 245 दुग्ध उत्पादक सहकारी समितियों में प्रबंध कमेटी के अध्यक्ष एवं उपाध्यक्ष पदों के लिए निर्वाचन प्रक्रिया शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुई। अधिकांश समितियों में पदाधिकारियों का निर्विरोध निर्वाचन होने से दुग्ध उत्पादकों एवं समिति सदस्यों में खासा उत्साह देखने को मिला। कुल 245 समितियों में से 238 समितियों में अध्यक्ष एवं उपाध्यक्ष पद पर निर्विरोध निर्वाचन हुआ, जबकि सात समितियों में चुनाव प्रक्रिया के माध्यम से पदाधिकारियों का चयन किया गया। निर्वाचन में नैनीताल दुग्ध संघ के अध्यक्ष मुकेश बोरा ने च्यूरीगाड़ दुग्ध उत्पादक सहकारी समिति से अध्यक्ष पद पर लगातार 12वीं बार निर्विरोध जीत दर्ज कर अपनी मजबूत पकड़ कायम रखी। बताया गया कि वर्ष 1996 से वह लगातार समिति के अध्यक्ष पद पर निर्विरोध निर्वाचित होते आ रहे हैं।वहीं दुग्ध संघ के संचालक मंडल द्वारा सदस्य गोविंद सिंह मेहता ने बिंदुखत्ता रावत नगर सेकेंड दुग्ध समिति से तीसरी बार अध्यक्ष प...

Shani Vakri 2026:शनि वक्री से बदलेगा इन राशियों का भाग्य,नौकरी और कारोबार में खुलेंगे तरक्की के द्वार...

 शनि की वक्री चाल को ज्योतिष में अत्यंत प्रभावशाली माना जाता है-

 Shani Vakri 2026: शनि की वक्री चाल को ज्योतिष में अत्यंत प्रभावशाली माना जाता है। यह समय कुछ राशियों के लिए बेहद लाभकारी रहता है। इस अवधि में जातकों को करियर, धन, शिक्षा में लाभ मिलने के संकेत दिखाई देते हैं। ज्योतिष शास्त्र में शनि देव को कर्मफलदाता कहा जाता है। वह सभी ग्रहों में सबसे धीमी गति से चाल चलते हैं। इसलिए उनका मार्गी, वक्री और राशि परिवर्तन विशेष महत्व रखता है, क्योंकि इसका प्रभाव लंबे समय तक बना रहता है। अब वह जल्द मीन राशि में वक्री होने वाले हैं। दरअसल, 27 जुलाई 2026 को शनि देव मीन राशि में वक्री होंगे। 11 दिसंबर 2026 को शनि फिर मार्गी होंगे। शनि की यह वक्री चाल कुछ राशियों के लिए बेहद शुभ साबित हो सकती है। इस दौरान करियर में उछाल, आर्थिक स्थिति में बदलाव और शिक्षा में सकारात्मक बदलाव देखने को मिल सकते हैं। आइए जानते हैं किन राशियों को शनि की वक्री चाल से विशेष लाभ मिलने के संकेत हैं।

वृश्चिक राशि

ज्योतिषियों के मुताबिक, शनि देव आपकी कुंडली में तीसरे और चौथे भाव के स्वामी हैं। वह पंचम भाव में वक्री होने जा रहे हैं। ऐसे में यह समय आपके लिए कई मायनों में लाभकारी साबित हो सकता है। इस दौरान आपकी संतान सुख की प्राप्ति के योग बन सकते हैं। इसके अलावा प्रेम संबंधों में चल रही गलतफहमियां दूर होने की संभावना रहेगी। वहीं विवाहित जीवन में मधुरता बढ़ेगी। इस समय शिक्षा और रचनात्मक कार्यों से जुड़े लोगों को सफलता मिल सकती है। कुल मिलाकर शनि की वक्री चाल आपके आत्मविश्वास और निर्णय क्षमता को मजबूत करने का वाला साबित हो सकता है। 

मकर राशि

मकर राशि के स्वामी स्वयं शनि देव हैं। वे आपकी कुंडली में दूसरे भाव के भी स्वामी माने जाते हैं। वर्तमान में शनि तीसरे भाव में वक्री होंगे। इस समय करियर में नई जिम्मेदारियां आपको प्राप्त होंगी और कई अवसर भी मिलेंगे। मकर राशि वालों के लिए समय इसलिए भी खास हो सकता है, क्योंकि, प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे विद्यार्थियों को शुभ समाचार मिल सकता है। नौकरी में पदोन्नति मिलने की संभावना है। इस दौरान व्यापारियों को नए संपर्कों और योजनाओं से लाभ हो सकता है। मेहनत का पूरा फल मिलने लगेगा। 

मीन राशि

ज्योतिषियों के अनुसार, शनि देव आपकी कुंडली में लाभ भाव और व्यय भाव यानी ग्यारहवें और बारहवें भाव के स्वामी हैं। शनि आपकी ही राशि में प्रथम भाव में वक्री होंगे। ऐसे में लंबे समय से चली आ रही परेशानियों में कमी आने लगेगी। सेहत से जुड़ी परेशानियां कम होंगे। मीन राशि वालों के व्यवसाय में स्थिरता प्राप्त होगी। समाज में मान-सम्मान और प्रतिष्ठा बढ़ सकती है। पुराने निवेशों से लाभ मिलने की संभावना है। मानसिक तनाव कम होगा और आत्मविश्वास में वृद्धि होगी। माना जा रहा है कि, शनि की कृपा से आपके कारोबार सकारात्मक परिवर्तन देखने को मिल सकते हैं। 

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