दुग्ध समितियों के चुनाव में मुकेश बोरा का दबदबा कायम,12वीं बार मुकेश बोरा,तीसरी बार गोविंद सिंह मेहता निर्विरोध
हल्द्वानी की राजनीति में इन दिनों दीपक बल्यूटिया को लेकर सियासी चर्चाओं का दौर तेज हो गया है। एक के बाद एक हो रही राजनीतिक मुलाकातों ने चुनाव से पहले नए समीकरणों की अटकलों को हवा दे दी है। बीते दिनों पूर्व मुख्यमंत्री एवं पूर्व राज्यपाल भगत सिंह कोश्यारी, दीपक बल्यूटिया के साथ जन्मदिन समारोह में नजर आए और उन्हें केक खिलाया। वहीं अब उत्तराखंड क्रांति दल के वरिष्ठ नेता एवं संस्थापक काशी सिंह ऐरी भी दीपक बल्यूटिया से मिलने उनके आवास पहुंचे।
इन मुलाकातों के बाद हल्द्वानी के राजनीतिक गलियारों में चर्चाएं तेज हैं। सवाल उठ रहे हैं कि आखिर दीपक बल्यूटिया को लेकर अलग-अलग राजनीतिक दलों के नेताओं की सक्रियता क्यों बढ़ रही है? क्या चुनाव से पहले कोई नया राजनीतिक समीकरण तैयार किया जा रहा है? क्या दूसरे दल दीपक बल्यूटिया को अपने पाले में करने की कोशिश कर रहे हैं? या फिर इन मुलाकातों के पीछे कोई नई राजनीतिक रणनीति है? हालांकि फिलहाल किसी भी तरह के राजनीतिक बदलाव या दल में शामिल होने को लेकर कोई आधिकारिक घोषणा सामने नहीं आई है। लेकिन जिस तरह से लगातार राजनीतिक मुलाकातें हो रही हैं, उसने हल्द्वानी की सियासत में हलचल जरूर बढ़ा दी है।
फिलहाल कोश्यारी और काशी सिंह ऐरी के साथ दीपक बल्यूटिया की इन मुलाकातों को लेकर चर्चाओं का बाजार गर्म है। अब देखना दिलचस्प होगा कि यह सिर्फ शिष्टाचार भेंट तक सीमित रहती हैं या आने वाले समय में हल्द्वानी की राजनीति में कोई बड़ा फेरबदल देखने को मिलता है।
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