देहरादून:धामी सरकार का बड़ा फैसला,ESMA लागू,6 महीने तक कर्मचारियों की हड़ताल पर रोक,

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6 महीने तक कर्मचारियों की हड़ताल पर रोक 6 महीने तक नहीं होगी हड़ताल... धामी सरकार ने ESMA लागू कर कर्मचारियों को दिया सख्त संदेश उत्तराखंड सरकार ने राज्य कर्मचारियों की हड़ताल पर बड़ी रोक लगा दी है। सचिव कार्मिक शैलेष बगोली ने आवश्यक सेवा अनुरक्षण अधिनियम यानी ESMA लागू करने के आदेश जारी कर दिए हैं। इसके तहत अगले छह महीने तक, यानी जनवरी 2027 तक राज्य कर्मचारी हड़ताल पर नहीं जा सकेंगे। उत्तराखंड सरकार ने प्रदेश में आवश्यक सेवा अनुरक्षण अधिनियम (ESMA) लागू कर दिया है। सचिव कार्मिक शैलेष बगोली द्वारा जारी आदेश के अनुसार अब राज्य कर्मचारी अगले छह महीने तक, यानी जनवरी 2027 तक हड़ताल नहीं कर सकेंगे। सरकार का कहना है कि यह फैसला आवश्यक सरकारी सेवाओं को निर्बाध बनाए रखने और आम जनता को किसी तरह की परेशानी से बचाने के उद्देश्य से लिया गया है। ESMA लागू होने के दौरान यदि कोई कर्मचारी या संगठन हड़ताल करता है, तो उसके खिलाफ अधिनियम के तहत कार्रवाई की जा सकती है। इस फैसले के बाद कर्मचारी संगठनों की प्रतिक्रिया पर भी सभी की नजर रहेगी। 

प्रशासन की पाबंदी के बीच हल्द्वानी में दिखा आस्था का रंग,कैंची धाम में भंडारों पर रोक लगने के बाद हल्द्वानी में हुए भंडारे

 कैंची धाम में भंडारों पर रोक लगने के बाद हल्द्वानी में हुए जगह जगह भंडारे 

हल्द्वानी,  कैंची धाम स्थापना दिवस पर इस बार प्रशासन ने सड़क किनारे भंडारों के आयोजन पर रोक लगा दी थी। इस फैसले से कई ऐसे श्रद्धालु और व्यापारी प्रभावित हुए, जो हर साल कैंची धाम मार्ग पर भंडारा लगाकर बाबा नीम करोली महाराज की सेवा करते थे। हालांकि, बाबा के प्रति आस्था में कोई कमी नहीं दिखी और श्रद्धालुओं ने इसका नया रास्ता निकाल लिया।

हर वर्ष कैंची धाम स्थापना दिवस पर हल्द्वानी समेत आसपास के क्षेत्रों से बड़ी संख्या में श्रद्धालु और व्यापारी कैंची धाम मार्ग पर भंडारों का आयोजन करते हैं। लेकिन इस बार प्रशासन ने यातायात व्यवस्था और सुरक्षा कारणों से सड़क किनारे भंडारों पर प्रतिबंध लगा दिया था। इससे कुछ लोगों में नाराजगी भी देखने को मिली।इसके बावजूद बाबा के भक्तों ने सेवा और भक्ति का क्रम नहीं टूटने दिया। 

कई स्थानों पर हल्द्वानी शहर में ही भंडारों का आयोजन किया गया, जहां श्रद्धालुओं को प्रसाद वितरित किया गया और बाबा नीम करोली महाराज के जयकारे गूंजते रहे।वहीं, जो श्रद्धालु भारी भीड़, जाम या अन्य कारणों से कैंची धाम नहीं पहुंच सके, उन्होंने भी हल्द्वानी में आयोजित भंडारों में पहुंचकर प्रसाद ग्रहण किया और बाबा का आशीर्वाद प्राप्त किया। पूरे दिन शहर में भक्ति और सेवा का माहौल देखने को मिला।कैंची धाम तक न पहुंच पाने वाले श्रद्धालुओं के लिए हल्द्वानी में आयोजित भंडारे आस्था का केंद्र बने। प्रशासनिक प्रतिबंधों के बीच भी भक्तों ने यह संदेश दिया कि सच्ची श्रद्धा के लिए दूरी मायने नहीं रखती, क्योंकि बाबा के प्रति आस्था हर जगह एक समान है।

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