दुग्ध समितियों के चुनाव में मुकेश बोरा का दबदबा कायम,12वीं बार मुकेश बोरा,तीसरी बार गोविंद सिंह मेहता निर्विरोध

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  मुकेश बोरा ने फिर कायम रखा दबदबा, गोविंद मेहता की जीत, पूर्व चेयरमैन को बड़ा झटका लालकुआं, नैनीताल दुग्ध उत्पादक सहकारी संघ लिमिटेड के पर्वतीय क्षेत्र की 245 दुग्ध उत्पादक सहकारी समितियों में प्रबंध कमेटी के अध्यक्ष एवं उपाध्यक्ष पदों के लिए निर्वाचन प्रक्रिया शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुई। अधिकांश समितियों में पदाधिकारियों का निर्विरोध निर्वाचन होने से दुग्ध उत्पादकों एवं समिति सदस्यों में खासा उत्साह देखने को मिला। कुल 245 समितियों में से 238 समितियों में अध्यक्ष एवं उपाध्यक्ष पद पर निर्विरोध निर्वाचन हुआ, जबकि सात समितियों में चुनाव प्रक्रिया के माध्यम से पदाधिकारियों का चयन किया गया। निर्वाचन में नैनीताल दुग्ध संघ के अध्यक्ष मुकेश बोरा ने च्यूरीगाड़ दुग्ध उत्पादक सहकारी समिति से अध्यक्ष पद पर लगातार 12वीं बार निर्विरोध जीत दर्ज कर अपनी मजबूत पकड़ कायम रखी। बताया गया कि वर्ष 1996 से वह लगातार समिति के अध्यक्ष पद पर निर्विरोध निर्वाचित होते आ रहे हैं।वहीं दुग्ध संघ के संचालक मंडल द्वारा सदस्य गोविंद सिंह मेहता ने बिंदुखत्ता रावत नगर सेकेंड दुग्ध समिति से तीसरी बार अध्यक्ष प...

हल्द्वानी, पीएसपी हॉस्पिटल में मौत के मामले की जांच शुरू,परिजनों द्वारा अस्पताल प्रबंधन पर लगाए गए थे गंभीर आरोप

यदि जांच में किसी स्तर पर लापरवाही या अनियमितता सामने आती है तो-  

हल्द्वानी में पीएसपी हॉस्पिटल में उपचार के दौरान बागेश्वर जिले के मंडलसेरा निवासी 65 वर्षीय प्रेम गिरी की मौत के मामले ने तूल पकड़ लिया है। परिजनों द्वारा अस्पताल प्रबंधन पर गंभीर आरोप लगाए जाने के बाद जिला प्रशासन ने मामले की निष्पक्ष जांच के आदेश दिए हैं। जिलाधिकारी नैनीताल के निर्देश पर अपर जिलाधिकारी प्रशासन विवेक राय की अध्यक्षता में एक संयुक्त जांच समिति का गठन किया गया है। इस समिति में नगर मजिस्ट्रेट हल्द्वानी, अपर मुख्य चिकित्साधिकारी और मुख्य चिकित्साधिकारी द्वारा नामित हृदय रोग विशेषज्ञ को सदस्य बनाया गया है।

जांच समिति मृतक के उपचार, ऑपरेशन और चिकित्सीय प्रबंधन से जुड़े सभी दस्तावेजों की जांच करेगी। इसके साथ ही उपचार के दौरान अपनाई गई चिकित्सा प्रक्रिया, परिजनों द्वारा लगाए गए आरोपों और अस्पताल प्रबंधन द्वारा नियमों एवं मानकों के पालन की भी समीक्षा की जाएगी।यदि जांच में किसी स्तर पर लापरवाही या अनियमितता सामने आती है तो संबंधित लोगों की जिम्मेदारी तय की जाएगी। साथ ही भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए आवश्यक सुझाव भी दिए जाएंगे।

प्रशासन ने आम जनता से भी अपील की है कि यदि किसी व्यक्ति के पास इस मामले से संबंधित कोई जानकारी, बयान या साक्ष्य है तो वह सूचना जारी होने के सात दिनों के भीतर जांच समिति के किसी भी सदस्य के कार्यालय में प्रस्तुत कर सकता है या पंजीकृत डाक के माध्यम से भेज सकता है।

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