हल्द्वानी:कॉलेज पर कब्जे की जंग,मरियम कॉलेज विवाद गहराया,फर्जीवाड़े और कब्जे की साजिश के आरोप
आज हम आपको भारत के इतिहास का एक ऐसा दिलचस्प किस्सा बताने जा रहे हैं, जिसे सुनकर शायद आप भी हैरान रह जाएंगे। एक समय ऐसा था जब उत्तर प्रदेश की रामपुर रियासत के नवाब के पास अपनी निजी ट्रेन हुआ करती थी और उनके महल तक रेलवे लाइन बिछी हुई थी।
रामपुर रियासत के नौवें नवाब हामिद अली खान ने मिलक से रामपुर तक करीब 40 किलोमीटर लंबी रेलवे लाइन बनवाई। साल 1925 में उन्होंने अपनी जरूरत के मुताबिक चार विशेष रेल बोगियां तैयार करवाईं। इन बोगियों में बेडरूम, डाइनिंग रूम, किचन और आराम की तमाम सुविधाएं मौजूद थीं। जब भी नवाब को सफर करना होता, उनकी निजी बोगियों को नियमित ट्रेन के साथ जोड़ दिया जाता था।
देश के विभाजन के समय भी इस शाही ट्रेन का इस्तेमाल लोगों को सुरक्षित पाकिस्तान पहुंचाने के लिए किया गया। आजादी के बाद 1954 में नवाब ने अपनी चार बोगियों में से दो भारत सरकार को सौंप दीं। 1966 में नवाब रजा अली खान के निधन के बाद इस शाही ट्रेन का सफर भी इतिहास बनकर रह गया। सोचिए जिस दौर में आम लोगों के लिए रेल यात्रा भी एक बड़ी बात थी, उस दौर में एक नवाब अपनी निजी ट्रेन से सफर किया करता था।
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