दुग्ध समितियों के चुनाव में मुकेश बोरा का दबदबा कायम,12वीं बार मुकेश बोरा,तीसरी बार गोविंद सिंह मेहता निर्विरोध
हल्द्वानी। उत्तराखंड कांग्रेस के प्रदेश प्रवक्ता दीपक बल्यूटिया ने शहीद सैनिकों की वीरांगनाओं और आश्रित परिवारों को 10 लाख रुपये की एकमुश्त अनुग्रह अनुदान राशि दिए जाने की मांग की है। उन्होंने भाजपा सरकार पर सैनिक परिवारों के सम्मान के नाम पर राजनीति करने का आरोप लगाते हुए सरकार से इस संबंध में पूर्व में जारी शासनादेश को दोबारा लागू करने की मांग की।
दीपक बल्यूटिया ने कहा कि वर्ष 2014 में तत्कालीन कांग्रेस सरकार द्वारा शासनादेश संख्या 169/XII-3/14-09(31)/2014, दिनांक 05 मार्च 2014 जारी किया गया था। इसके तहत शहीद की वीर नारी को 6 लाख रुपये और माता-पिता को 4 लाख रुपये दिए जाने का प्रावधान था। माता-पिता के जीवित न होने की स्थिति में पूरी 10 लाख रुपये की राशि वीर नारी को दिए जाने का प्रावधान था।
बल्यूटिया के मुताबिक वर्ष 2017 में भाजपा सरकार के सत्ता में आने के बाद इस शासनादेश पर रोक लगा दी गई। इसके बाद प्रभावित शहीद परिवारों ने न्यायालय का रुख किया।उन्होंने बताया कि अनिता देवी एवं अन्य की याचिका पर उत्तराखंड हाईकोर्ट की सिंगल बेंच ने 4 नवंबर 2020 को शहीद परिवारों के पक्ष में फैसला सुनाया था। इसके बाद राज्य सरकार की ओर से इस फैसले को डबल बेंच में चुनौती दी गई। बल्यूटिया का दावा है कि डबल बेंच ने भी शहीद परिवारों को वर्ष 2014 के शासनादेश के तहत 10 लाख रुपये की एकमुश्त अनुग्रह राशि देने के आदेश दिए।
कांग्रेस प्रवक्ता ने कहा कि राज्य सरकार इसके बाद मामले को सुप्रीम कोर्ट ले गई और State of Uttarakhand बनाम Anita Devi एवं अन्य, SLP (C) No. 18372/2022 मामला वर्तमान में लंबित है। उनका कहना है कि इसके चलते प्रदेश के कई शहीद सैन्य परिवारों को अनुग्रह अनुदान राशि का लाभ नहीं मिल पा रहा है।बल्यूटिया ने भाजपा सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि सरकार एक ओर सैन्य धाम और सैनिकों के सम्मान की बात करती है, वहीं दूसरी ओर शहीद परिवारों को मिलने वाली अनुग्रह राशि के मामले में उन्हें लाभ से वंचित रखा जा रहा है। उन्होंने सरकार से मांग की कि वर्ष 2014 के शासनादेश को उसी स्वरूप में पुनः लागू किया जाए और शहीद सैनिक परिवारों के हित में सुप्रीम कोर्ट में दायर अपील को वापस लिया जाए।
टिप्पणियाँ
एक टिप्पणी भेजें